Dhat Ka ilaj Kaise Kare

इस पोस्ट में मैंने आपको बताने वाला हूँ की Dhat Ka ilaj Kaise Kare. अगर आप dhat का इलाज के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

Dhat एक बीमारी है, इस बीमारी को इलाज करके ठीक किया जा सकता है। अगर आपका या आपके किसी लोगों का dhat बीमारी है तो इसको ठीक करने के लिए डॉक्टर के साथ संपर्क करें।

Dhat Ka ilaj Kaise Kare

अगर आप dhat का इलाज के बारे में जानकारी चाहते है तो नीचे दिए गयी वीडियो देखके इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।


मुझे उम्मीद है आप उपर दिए गयी वीडियो देखके जान गयी है की Dhat Ka ilaj Kaise Kare.

Dhat Ka ilaj Kaise Kare (Text)

बिना संभोग और यौन उत्तेजना के पुरुष में स्खलन की स्थिति को धातु रोग कहा जाता है। पुरुषों में अनैच्छिक स्राव या वीर्य का प्रवाह एक यौन समस्या है। धातु का गिरना धातु रोग कहलाता है।

कुछ मामलों में कब्ज के कारण मल त्याग के समय पेशाब के साथ वीर्य निकलने लगता है। वहीं, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पेशाब से पहले वीर्य निकल आता है। कई बार सोते समय भी वीर्य निकल सकता है।

धातु रोग के लक्षण

धातु रोग के सामान्य कारणों में पीठ के निचले हिस्से में दर्द, थकान, अवसाद, सुस्त आंखें, अंडकोष में दर्द और पसीना, चक्कर आना, कमजोरी, रात को पसीना, गर्म और नम हथेलियां और तलवे शामिल हैं।

धातु का कारण

अत्यधिक हस्तमैथुन या सेक्स, पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी, मूत्र और जननांगों से संबंधित समस्याएं, यौन असंतोष, मूत्र पथ का संकुचित होना, मलाशय से संबंधित विकार जैसे बवासीर, गुदा विदर, त्वचा के फोड़े आदि भी धातु रोग का कारण बन सकते हैं।

जब अंडकोष अत्यधिक गर्मी (जैसे गर्म पानी से भरे टब में नहाना) के प्रभाव में आते हैं, तो शुक्राणुओं की आपूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे शुक्राणु रात को सोने के बाद निकल जाते हैं।

हालांकि, जो लोग यौन उत्तेजना को ट्रिगर करने वाले दृश्य की कल्पना करते हैं, वे भी स्खलन का कारण बन सकते हैं।

उपचार के तरीके

धातु के इलाज के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव जरूरी हैं। शराब का सेवन न करना, रात में कम खाना खाना, बहुत नर्म गद्दों पर न सोना, जननांगों को पूरी तरह से साफ रखना, मल त्याग का उचित तरीके से होना आदि इसके उपचार में सहायक होते हैं।

स्खलन की समस्या आमतौर पर सुबह के कुछ घंटों में होती है, इसलिए कोशिश करें कि सुबह जल्दी उठकर अलार्म की मदद से उठें। रात को सोते समय टाइट कपड़े न पहनें। इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार भी उपचार में मदद कर सकता है।

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