IPS Ka Full Form Kya Hai – In Hindi

हैलो दोस्तों, आज मैंने इस पोस्ट में बात करने वाला हूं IPS क्या है और IPS Ka Full Form क्या होता है. इसके अलावा IPS कैसे बने वो भी आप यहां जान सकते है.

अगर आप IPS Ka Full Form Kya Hai यह जानने के साथ साथ IPS ऑफिसर बनने के बारे में भी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़ें, क्योंकि इस पोस्ट में मैंने IPS के बारे में सारे जानकारी पूरी तरह से बताऊंगा जैसे IPS कैसे बने, IPS बनने के लिए योग्यता आदि.

IPS Kya Hai – IPS Ka Full Form

IPS Ka Full Form Kya Hai

IPS भारत सरकार की तीन अखिल भारतीय सेवा में से एक है. और वो दोनों सेवा का नाम IAS (Indian Administrative Service) और IFS (Indian Forest Service) है.

IPS का नाम पहले IP (Imperial Police) था, यानि 1905 सन में उसका नाम Imperial Police रखा गया था. हमारा भारत 1947 सन में ब्रिटिश की राज से आजादी होने के एक साल बाद 1948 सन में उसका नाम बदलके के IPS रखा गया है.

आजके टाइम लगभग सारे स्टूडेंट्स पढ़ाई करने के बाद सरकारी किसी अच्छे नौकरी करना चाहते है ताकि अपने जिंदगी को आराम से जी सके. इसलिए हर स्टूडेंट अपने अपने रूचि के अनुसार नौकरी के लिए अप्लाई करते रहते है.

कोई डॉक्टर बनना चाहते है, कोई इंजिनियर बनना चाहते है और कोई वकील बनना चाहते है, इसके अलावा और कई सारे सरकारी नौकरी है जो स्टूडेंट्स अपना रूचि के अनुसार करना चाहते है. लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स आजका समय पुलिस सेवाएं की नौकरी करना पसंद करते है इसलिए वो IPS जैसे नौकरी के लिए अप्लाई करते रहते है.


IPS Ka Full Form Kya Hai

वैसे तो आम लोगों के लिए IPS के बारे में जानकारी प्राप्त करना इतना जरुरी नहीं होते, लेकिन अगर आप एक स्टूडेंट है और चाहते है की अपने पढ़ाई के बाद IPS ऑफिसर बनना तो आपको IPS Ka Full Form जानना बहुत ज्यादा जरुरी है.

IPS Ka Full Form:

Indian Police Service

I – Indian

P – Police

S – Service

IPS Full Form in Hindi:

भारतीय पुलिस सेवा


IPS Officer Kaise Bane – IPS Ka Full Form

आजके टाइम एक सफल IPS ऑफिसर बनना इतना आसान नहीं है क्योंकि हर साल लाखों स्टूडेंट्स IPS के लिए अप्लाई करते है और इन में से कुछ ही स्टूडेंट्स इस परीक्षा में सफल होते है यानि पास कर पाते है.

IPS ऑफिसर बनने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करने होगी क्योंकि जितने भी लोग IPS के लिए अप्लाई करते है वो सभी लोग इस परीक्षा में पास करना चाहते है.

लेकिन सभी लोग इस परीक्षा में पास करना मुमकिन नहीं है क्योंकि इसमें कुछ सीमित पद रहती है, जो लोग मेहनत करके अच्छे तरीके से परीक्षा देंगे वो सिर्फ इसमें पास करके IPS ऑफिसर बन सकते है.


IPS Ki Exam – IPS Ka Full Form

IPS के लिए चयन करने की तीन अलग अलग परीक्षा लिया जाता है. पहला है प्रारंभिक परीक्षा, दूसरा है मुख्य परीक्षा और तीसरा है साक्षात्कार. अगर आप ये तीनों चरण में पास कर लेते है तो आपको IPS ऑफिसर बनाके क्षेत्र में भेजा जाएगा.

प्रारंभिक परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर देना होता है और हर पेपर में 200 मार्क्स का प्रश्न रहती है, यानि कुल मिलाके प्रारंभिक परीक्षा में 400 मार्क्स का प्रश्न की जाती है.

मुख्य परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा में पास करने के बाद मुख्य परीक्षा देना होता है. इसमें 9 पेपर का प्रश्न होती है, इसलिए यह प्रारंभिक परीक्षा के तुलना में बहुत ज्यादा कठिन होती है. इस परीक्षा में पास करने के बाद IPS ऑफिसर बनने की आशा बढ़ जाता है क्योंकि इस चरण में ज्यादातर लोग पास नहीं कर पाते.

साक्षात्कार

जब उम्मीदवार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पास कर लेते तो उनको साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है. साक्षात्कार में उम्मीदवार को लगभग 40 मिनट से 1 घंटे तक सवाल किया जाता है.

साक्षात्कार में उम्मीदवार पास करने के बाद IPS की प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है और प्रशिक्षण के बाद उनको IPS ऑफिसर की रूप में क्षेत्र में भेजा जाएगा.


IPS Ki Taiyari Kaise Kare – IPS Ka Full Form

IPS ऑफिसर बनने के लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत करने होगा. आपको रोजाना कम से कम 9 से 10 घंटे पढ़ने होगा.

आप लाइब्रेरी से IPS की तैयारी करने की पुस्तक खरीदके पढ़ सकते है. इसके अलावा भारत में कई सारे कोचिंग की जगह है जिस में आप प्राइवेट tution कर सकते है.

IPS की तैयारी करने के टाइम आप न्यूज़ पेपर जरूर पढ़ें, अगर आप रोजाना न्यूज़ पढ़ते है तो आपको दुनिया का सारे जानकारी मिल जायेंगे जिस से आपका बहुत सारे फायदे होगा परीक्षा के टाइम.


IPS Ki Physical Requirements – IPS Ka Full Form

IPS की नौकरी करने के लिए आपका शारीरिक जोग्यताएं की जरुरत पड़ते है, आप निचे उन जोग्यताएं के बारे में पढ़ सकते है.

Height

IPS की पुरुष उम्मीदवार के लिए 165 cm लम्बाई होना चाहिए, और जो लोग SC/ST वर्ण से है उनके लिए 160 cm लम्बाई रखा गया है. महिला उम्मीदवार के लिए लम्बाई कम से कम 150 cm होना चाहिए.

Chest

जो उम्मीदवार लम्बाई में ठीक जाएगी उनको छाती की माप लिया जाएगा. IPS की पुरुष उम्मीदवार के लिए छाती कम से कम 84 cm होना चाहिए और महिला उम्मीदवार के लिए छाती 79 cm होना चाहिए.

Eye Sight

जिस उम्मीदवार का द्रष्टि शक्ति ठीक है उनके लिए 6/6 या 6/9 होना चाहिए, और जिस उम्मीदवार का द्रष्टि शक्ति दुर्बल है उनके लिए द्रष्टि 6/12 और 6/9 होना चाहिए.


IPS Ki Qualification & Other Requirements

Education :- IPS ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवार को किसी भी सरकारी कॉलेज से या विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन पूरा करने होगा.

Nationality :- IPS की परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए. अगर आप भारत का नागरिक नहीं है तो आप भारतीय IPS के लिए परीक्षा नहीं दे सकते है.

Age :-  IPS की परीक्षा देने के लिए आयु सीमा 21 से 30 साल तक है, और जो उम्मीदवार SC/ ST वर्ण से है उनके लिए 35 साल तक उम्र सीमा रखा गया है.


आईपीएस की उत्पत्ति – IPS Ka Full Form

IPS की उत्पत्ति भारत की स्वतंत्रता के साथ नहीं बल्कि ब्रिटिश शासन के टाइम हुआ है। इसको पहले इंपीरियल पुलिस के नाम से जाना जाते थे। इंपीरियल पुलिस पर अंग्रेजों का प्रभुत्व था, और स्वतंत्रता के बाद, भारतीयों को सेवा में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए कुछ नियम लागू हुआ था। इंपीरियल पुलिस शब्द 1948 में भारतीय पुलिस सेवा में बदल गयी।


आईपीएस के वेतन – IPS Ka Full Form

कई लोगों, खासकर आम लोगों की भी इस बात में दिलचस्पी है कि आखिर इतने बड़े पद पर काम करने वाले एक अधिकारी की सैलरी कितनी होगी। तो आइए मैं आपको आईपीएस की सैलरी बता देते हैं।

एक IPS अधिकारी का मासिक वेतन लगभग 56000 रुपये से शुरू होता है और जैसे-जैसे वे वरिष्ठ पद पर आते हैं, उनका वेतन भी बढ़ते रहते है।


आईपीएस का इतिहास – IPS Ka Full Form

IPS का इतिहास बहुत पुराना है और इसकी शुरुआत 1905 में अंग्रेजों ने रॉयल पुलिस सर्विस के रूप में की थी।

1948 में आजादी के बाद भारतीय पुलिस सेवा का एक नया पद अस्तित्व में आया और इसे भारत की आवश्यकता के अनुसार बनाया गया।


आईपीएस का काम – IPS Ka Full Form

एक IPS का काम केंद्र/राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है, वह सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए अपने वरिष्ठों, पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और उप महानिदेशक के प्रति जवाबदेह होता है।

एक आईपीएस भ्रष्टाचार के मामलों, सार्वजनिक जीवन, सार्वजनिक शांति, अपराध की रोकथाम, जांच और पता लगाने, वीआईपी सुरक्षा, तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, आर्थिक अपराध, आपदा प्रबंधन, सामाजिक-आर्थिक कानून, जैव विविधता और पर्यावरण कानूनों आदि पर एक आईपीएस है को विशेष ध्यान देना पड़ता है। 

तेजी से बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप, IPS अधिकारी कानून और न्याय, अखंडता, संवेदनशीलता, मानवाधिकार आदि की रक्षा करने और पुलिस में जनता के विश्वास के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका होता हैं।


आईपीएस में शाखाएं – IPS Ka Full Form

इन कार्यों को कुशलतापूर्वक, जिम्मेदारी से और व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए, IPS सेवा को विभिन्न कार्यात्मक विभागों जैसे अपराध शाखा, आपराधिक जांच विभाग, होमगार्ड, यातायात ब्यूरो में विभाजित किया गया है।


आईपीएस के लिए शीर्ष पोस्ट – IPS Ka Full Form

किसी भी राज्य का IPS अधिकारी पुलिस महानिदेशक बन सकता है। यह किसी राज्य में प्राप्त होने वाली सर्वोच्च रैंक है। हालांकि, एक आईपीएस अधिकारी केंद्र में सीबीआई, आईबी और रॉ के निदेशक जैसे पदों के लिए पात्र है।

इसके अलावा, आईपीएस के एक सदस्य को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी तैनात किया जाता है।


आईपीएस की सुविधाएं – IPS Ka Full Form

IPS अधिकारियों को कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं जो उनके लिए काफी मददगार होती हैं।

कार, ​​रहने का घर, सुरक्षा गार्ड, माली, फोन, चिकित्सा, बिजली आदि जैसी सुविधाएं एक आईपीएस अधिकारी को प्रदान की जाने वाली कुछ प्रमुख सुविधाएं हैं। इसके अलावा, जैसा कि हम जानते हैं कि पुलिस अधिकारियों को भी जान का खतरा होता है, इसलिए भगवान ऐसा न होने दें, लेकिन अगर कोई आईपीएस अधिकारी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा देता है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दे दी जाती है।


किस आधार पर चुना जाता है आईपीएस – IPS Ka Full Form

जैसा कि आपको पहले बताया गया है कि भारतीय पुलिस सेवा, जिसे हम आईपीएस भी कहते हैं, इसका चयन यूपीएससी द्वारा हर साल आयोजित “सिविल सेवा परीक्षा” के माध्यम से किया जाता है।

परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को उनके कुल अंकों और “सेवा प्राथमिकता सूची” के आधार पर सेवा आवंटित की जाती है और चयनित उम्मीदवारों को एक साल के प्रशिक्षण के लिए मंसूरी और फिर हैदराबाद भेजा जाता है।

वहां पुलिस अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता, विशेष कानून और अपराध विज्ञान में प्रशिक्षण दिया जाता है, इन अधिकारियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, एक परीक्षा भी होती है और उन्हें वह परीक्षा पास करनी होती है, उसके बाद ही उम्मीदवार का चयन सहायक पुलिस के रूप में किया जाता है।


आईपीएस और आईएएस का विकास – IPS Ka Full Form

आजादी से पहले, IAS और IPS दोनों सेवाओं में यूरोपीय लोगों का वर्चस्व था क्योंकि कुछ ही भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में सफल हो पाए थे। स्वतंत्रता के बाद, सेवाओं को केवल भारतीय नागरिकों के लिए खुला रखा गया था और पात्रता मानदंड भारतीयों के पक्ष में कम कर दिए गए थे। भारतीय प्रशासनिक सेवा औपनिवेशिक काल में प्रचलित इंपीरियल सिविल सर्विसेज की निरंतरता है। इसी तरह, IPS इंपीरियल पुलिस की निरंतरता है। सिविल सेवा कृषि भूमि से राजस्व के संग्रह से संबंधित है और इसलिए इसका नाम “कलेक्टर” है। यह ब्रिटिश कंपनी के तहत शुरुआती पदों में से एक था और प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं की शुरुआत को चिह्नित किया। दूसरी ओर, भारतीय परिषद अधिनियम 1861 में पहली बार पुलिस नौकरशाही की आवश्यकता का उल्लेख किया गया था।


आईपीएस के लिए प्रशिक्षण – IPS Ka Full Form

सबसे पहले, चयनित आईएएस और आईपीएस उम्मीदवार तीन महीने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण से गुजरते हैं। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी बुनियादी स्तर पर इस सामान्य प्रशिक्षण का संचालन करती है।

बाद में आईपीएस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए जाना होगा। उन्हें कानून प्रवर्तन और शारीरिक फिटनेस में कठोर प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भेजा जाता है। यह प्रशिक्षण करीब एक साल तक चलता है।


आईएएस और आईपीएस के बीच अंतर – IPS Ka Full Form

आईएएस का फुल फॉर्म इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस होता है, यह सिविल सर्विसेज का सबसे ऊंचा पद होता है, इसके नीचे आईपीएस का पद होता है।

एक आईएएस के पास एक या दो अंगरक्षक होते हैं जबकि आईपीएस के साथ पूरा पुलिस बल एक साथ रहता है।

ट्रेनिंग के दौरान IAS ट्रेनिंग में टॉपर को मेडल और IPS ट्रेनिंग में टॉपर को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा जाता है।

आईपीएस की ट्रेनिंग आईएएस से ज्यादा कठिन होती है, आईपीएस को घुड़सवारी, परेड, हथियार चलाना भी सिखाया जाता है।

एक IPS अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध को रोकने की जिम्मेदारी लेता है, जबकि एक IAS अधिकारी राज्य में संसद में बने कानून को लागू करता है।

IAS का कोई ड्रेस कोड नहीं होता है, वे हमेशा औपचारिक पोशाक में रहते हैं लेकिन IPS को हमेशा ड्यूटी के दौरान अपनी वर्दी में रहना पड़ता है।

एक आईएएस के रूप में, उम्मीदवार विभिन्न मंत्रालयों-विभागों या जिलों के प्रमुख होते हैं।


आईपीएस की जिम्मेदारियों – IPS Ka Full Form

सीमा की जिम्मेदारियों, सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के रखरखाव, अपराध की रोकथाम, जांच और खोज, खुफिया रिपोर्टों का संग्रह, वीआईपी सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, सीमा पर गश्त, रेलवे पुलिसिंग, दिशा-निर्देश तस्करी में काम करना, मादक पदार्थों की तस्करी, आर्थिक पर आधारित कर्तव्यों का पालन करना अपराध, भ्रष्टाचार को रोकना, आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना, सामाजिक-आर्थिक कानून को लागू करना, जैव विविधता और पर्यावरण कानूनों की रक्षा करना आदि।

भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मुख्य रूप से भारतीय सेना के साथ बातचीत और समन्वय करें।

पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पूरे समर्पण के साथ देश के लोगों की सेवा करें

सीआईडी, सीबीआई जैसी भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ सूचना का आदान-प्रदान।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का नेतृत्व करना और उनके साथ नियमित संपर्क में रहना।


IPS और IAS में कौन है ज्यादा ताकतवर – IPS Ka Full Form

हालांकि ये दोनों पद सबसे बड़ा हैं लेकिन एक डीएम के तौर पर आईएएस ज्यादा ताकतवर होते हैं।

डीएम के पद पर होने के कारण, एक आईएएस अधिकारी पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागों का प्रमुख होता है, जबकि एक आईपीएस अधिकारी अपने पुलिस विभाग का प्रमुख होता है और उसके पास अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है।

IAS को कई कारणों से IPS से अधिक शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि DGP का पद धारण करते हुए एक IPS को गृह सचिव को रिपोर्ट करना होता है जबकि एक सचिव रैंक का अधिकारी एक IAS अधिकारी होता है, जिसके कारण IPS IAS को रिपोर्ट करता है।


आईपीएस के पाठ्यक्रम – IPS Ka Full Form

पाठ्यक्रम 1

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं।

भारतीय और विश्व भूगोल भारत और दुनिया का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल।

नीति, अधिकारों के मुद्दे, आदि।

भारतीय राजनीति और शासन संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, जनता

पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे

भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।

सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि।

पाठ्यक्रम 2

तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता।

संख्याएँ और उनके संबंध, परिमाण के क्रम।

समझ

सामान्य मानसिक क्षमता।

संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल।


तो दोस्तों मैंने आपको बताया है की IPS क्या है, IPS Ka Full Form Kya Hai और IPS के बारे में कई सारे जानकारी जो आपको जानना बहुत ही जरुरी था.

इस पोस्ट आपको कैसे लगा जरुर मुझे कमेंट करके बताइए, अगर इस पोस्ट के बारे में आपका कई भी सुझाब है तो भी मुझे बता सकते है.

मुझे उम्मीद है आप इस पोस्ट पढ़के समझ गया है की IPS क्या है और IPS Ka Full Form Kya Hota Hai.

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आजके लिए इतना ही, मिलते है नई एक पोस्ट के साथ.

आपका दिन शुभ हो!     धन्यवाद!

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18 thoughts on “IPS Ka Full Form Kya Hai – In Hindi”

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