Vajrasana Karne Ke Fayde

इस पोस्ट में मैंने आपको बताऊंगा की Vajrasana Karne Ke Fayde. अगर आप वज्रासन करने के फायदे के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

वज्रासन का बहुत सारे फायदे होता है, आप वज्रासन करने के बाद ये सब फायदे को देख सकते है।

Vajrasana Karne Ke Fayde

अगर आप वज्रासन करने के फायदे के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो नीचे दिए गयी वीडियो देख सकते है।


मुझे उम्मीद है आप ऊपर दिए गयी वीडियो देखके जान गयी है की Vajrasana Karne Ke Fayde.


Vajrasana Karne Ke Fayde (Text)

गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण आजकल बहुत से लोग पेट संबंधी समस्याओं से घिरे हुए हैं। जिससे मोटापे से लेकर कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है।

शरीर के अधिकांश रोग पेट की गड़बड़ी के कारण होते हैं, लेकिन योग की मदद से इन सभी से छुटकारा पाया जा सकता है। पेट के पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए वज्रासन सबसे फायदेमंद योग है।

वज्रासन का अर्थ है मजबूत स्थिति। इस आसन को वज्रासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पाचन शक्ति, वीर्य शक्ति और स्नायु शक्ति प्रदान करता है।

सभी योग आसनों में वज्रासन एक ऐसा आसन है, जिसे भोजन या नाश्ता करने के तुरंत बाद किया जा सकता है।

वज्रासन का अभ्यास सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। वज्रासन किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से कर सकता है।


Vajrasana Kaise Kare

अपने घुटनों को मोड़कर जमीन पर उतरें। बड़े पैर की उंगलियों को मिलाएं और एड़ियों को अलग रखें। नितम्बों को पैरों के तलवों पर इस तरह टिकाएं कि पैरों के तलवे नितंबों के बाहरी हिस्से को छू रहे हों।

हाथों को घुटनों पर रखें। हथेलियों को नीचे की ओर रखें। पीठ और सिर सीधा होना चाहिए, लेकिन उनमें तनाव नहीं होना चाहिए।

रीढ़ को बहुत पीछे की ओर न मोड़ें। अपनी आँखें बंद करो, अपने हाथों और अपने पूरे शरीर को आराम महसूस करो।

सामान्य रूप से सांस लें और अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें। वज्रासन को ज्यादा से ज्यादा देर तक करें-खासकर खाने के तुरंत बाद इस आसन को कम से कम 5 मिनट तक करें ताकि पाचन क्रिया तेज हो।


वज्रासन करने के फायदे

वज्रासन के नियमित अभ्यास से पाचन में सुधार होता है और कब्ज से राहत मिलती है।

बेहतर पाचन तंत्र अल्सर और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। वज्रासन के अभ्यास से पीठ और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर दर्द के साथ-साथ साइटिका के रोगियों को भी आराम मिलता है।

यह आसन शरीर में पैल्विक मांसपेशियों को भी मजबूत करता है। इस आसन को मेडिटेशन के लिए भी सबसे अच्छा माना जाता है।


Related searches:

वज्रासन के नुकसान

वज्रासन कब करना चाहिए

वज्रासन की विधि और लाभ

वज्रासन करने की विधि

वज्रासन किसे नहीं करना चाहिए

वज्रासन के फायदे और नुकसान


Share this post

Leave a Comment